नशा मनुष्य के लिए घातक हैनशा मनुष्य को अपने अपने से दूर करता है वह नहीं जान पाता कि वह क्या कर रहा है नशा करना परमात्मा का आदेश नहीं है मनमाना आचरण है शास्त्रो में कहा गया है कि जो मनुष्य शास्त्र विधि त्याग कर मनमाना आचरण करता है उसे कोई गति प्राप्त नहीं होती है परमात्मा के विधान अनुसार जो व्यक्ति शराब पीता है उसे 70 जन्म तक कुत्ते की योनि भोगनी पड़ती है नशा करने से व्यक्ति कई रोगों से युक्त होता है जिससे वह हर समय दुखी व चिंतित रहता है नशा मनुष्य के लिए बहुत ही खतरनाक है मनुष्य को नशा नहीं करना चाहिए। उसके साथ न तो समाज में अच्छा व्यवहार होता है और ना ही अपने घर में व्यवहार अच्छा होता है उसका घर नर्क के समान बनकर रह जाता है

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