नशा मनुष्य के लिए घातक हैनशा मनुष्य को अपने अपने से दूर करता है वह नहीं जान पाता कि वह क्या कर रहा है नशा करना परमात्मा का आदेश नहीं है मनमाना आचरण है शास्त्रो में कहा गया है कि जो मनुष्य शास्त्र विधि त्याग कर मनमाना आचरण करता है उसे कोई गति प्राप्त नहीं होती है परमात्मा के विधान अनुसार जो व्यक्ति शराब पीता है उसे 70 जन्म तक कुत्ते की योनि भोगनी पड़ती है नशा करने से व्यक्ति कई रोगों से युक्त होता है जिससे वह हर समय दुखी व चिंतित रहता है नशा मनुष्य के लिए बहुत ही खतरनाक है मनुष्य को नशा नहीं करना चाहिए। उसके साथ न तो समाज में अच्छा व्यवहार होता है और ना ही अपने घर में व्यवहार अच्छा होता है उसका घर नर्क के समान बनकर रह जाता है

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बाईबिल

जन्माष्टमी

प्राकृतिक आपदा प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने के कारण होती है प्राकृतिक आपदाएं मानवो को बहुत नुकसान पहुंचाती है तथा सामाजिकता तथा घरों को भारी हानि पहुंचाती है ।प्राकृतिक आपदा हम मनुष्य के कारण होती है क्योंकि प्रकृति का कई तरीकों से मनुष्य ने दोहन किया जिसे प्रकृति का संतुलन बिगड़ा और प्राकृतिक आपदाएं आनी शुरू हो गई। प्राकृतिक आपदा मनुष्य के लिए बहुत ही हानिकारक व दर्दनाक है ।प्राकृतिक आपदाओं से मनुष्य के घरों तथा कई तरीकों के नुकसान होते हैं ,कई मनुष्य बेघर हो जाते हैं ।जो लोग प्राकृतिक संसाधनों का अति दोहन तथा उन को हानि पहुंचाते हैं वह व्यक्ति बहुत ही गलत होते हैं तथा वह गलत कर रहे होते हैं ।सही तरीके से प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना तथा प्रकृति के प्रति मानसिकता को बदलने के लिए कई तरीकों का प्रयोग किया जा सकता है। हम आध्यात्मिक ज्ञान सुनकर भी प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने से पीछे हट सकते हैं ।अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखें संत रामपाल जी महाराज का सत्संग 7:30 से 8:30 साधना टीवी पर