मांस खाना बहुत ही गलत है यह एक हिंसा का रूप है जो कि व्यक्ति को गलत राह पर लेकर जाता है लोग मांस जीवो की हत्या करके खाते हैं तथा जीव हत्या करना परमात्मा का आदेश नहीं है जीव हत्या एक महापाप है ।वेदों व शास्त्रों में कहीं भी नहीं लिखा है कि व्यक्ति को जीव की हत्या करके मांस खाना चाहिए अर्थात व्यक्ति को मास नहीं खाना चाहिए यह बिल्कुल गलत है जो मांस खाता है उसको कोई गति प्राप्त नहीं होती है। उसको मोक्ष प्राप्त नहीं होता है उसे 8400000 योनियों भोगनी पड़ती है।

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